Wednesday, 26 December 2012

स्मरण शक्ति यूँ बढ़ाएं


                         मेमोरी पावर यूँ बढ़ायें। 

          आज कल देश में मेमोरी पावर बढ़ाने के लिए दवाओं की बिक्री तेज गति में है। भड़कीले विज्ञापनों के कारण युवा पीढ़ी इनकी ओर जल्दी आकर्षित हो जाता हैं और मेमोरी पावर बढ़ाने के चक्कर  में अपनी जेब ढीली  किए बैठते हैं।  कुशाग्र बुद्धि के लिए, यादाश्त तेज करने के लिए आज कुछ आसान तरीके और उपाय बताने जा रहा हूँ जिसका प्रयोग करके प्रेक्टिकली तौर पर तुरंत फायदा उठाया जा सकता है। यह उपाय प्राचीन जरुर है किन्तु तरो-ताजा है। आप इस लेख को ध्यान से पढ़े और ढंग से प्रयोग करें आपको शत-प्रतिशत लाभ मिलेगा।
         
          आज के समय में लोकप्रिय होना है, साक्षात्कार -परिक्षा पास करनी हो, व्यवसाय तरक्की पर ले जानें हों, सर्विस में प्रोग्रेस पानी हो अथवा समाज में हाईलाइट होना है तो बुद्धि और व्यवहार में नम्रता तो होना ही चाहिए किन्तु यादाश्त का तीव्र होना अतिआवश्यक है। अर्थात हमारा स्मरण शक्ति ट्रान्सफार्मर  की भांति होना चाहिए जो बौद्धिक तरंग को सक्रिय भी बनाये रखे और उसकी उर्जा को निरंतर वृद्धि भी करे। मैं तो कहता हूँ, इसके लिए किसी प्रकार की दवा खाने की जरुरत ही नहीं। देश की धरोहरों में तमाम ऐसे उपाय संग्रहित हैं कि, उसका प्रयोग करके मनचाही स्थिति बनाई जा सकती है। इसके लिए आपको मात्र कुछ विधिं प्रयोग करने है। पहला- शीर्षासन दूसरा- कच्चे आंवले का रस। 
            
          शीर्षासन में स़िर नीचे और पाँव सीधा ऊपर करने का दैनिक अभ्यास करें तथा कच्चे आंवले का रस सुबह में खाली पेट एक चम्मच लें। इसका असर केवल 30 दिनों में देखकर आपको आश्चर्य होगा। परन्तु यह आसान फार्मूला भी बहुतों को झमेला दिखेगा।  इसलिए स्मरण शक्ति (मेमोरी पावर) चुस्त और तन्द्रुस्त बने, मेरे द्वारा दी जा रही  विधि को अपनाएं। किसी भी हाथ की अनामिका उंगुली में एक हरे रंग का छल्ला या रबरबैंड डालें। निष्ठ उंगुली में लाल रंग का छल्ला या रबरबैंड डालें। इसका प्रभाव आपके विवेक ग्रंथियों पर पड़ता  है जो आपके दिमाग के फालतू कचरे को हटाता रहता है और बुद्धि  को ब्लेड की तरह से पैना बनाता जाता है। 
            
          ध्यान रखें छल्ला या रबरबैंड ज्यादा ढीला भी न हो, ज्यादा तंग भी न हो। इसका प्रयोग आज और अभी से करके देख सकते हैं। क्योंकि यह अनामिका उंगुली पर हलके दबाव के कारण अन्दर हिप्नोटिक तरंग यानी सम्मोहन की उर्जा बनाता है जिससे आपके व्यक्तित्व में भारी निखार आने लगता है। वाणी में मधुरता बढ़ जाती है। नेत्रों की रोशनी में वृद्धि होने लगती है। सुंघने की शक्ति भी तेज होने लगती है। इसके बाद जब भी चलें, जहाँ भी चलें, दोनों हाथ के पंजे को मुटठी की शक्ल में करके चलें। आप जैसे ही इस पोज में आयंगे आपके अन्दर एक विशेष उर्जा का निर्माण होना आरम्भ हो जाता है जिसे हिप्नोटिक उर्जा  कहते हैं। यह उर्जा शरीर और  मन का विज्ञान है जो अदृश्य होते हुए भी पावरफुल  होता है। 
           
         यह उर्जा आपको धैर्यवान भी बनाता है और विवेकशील भी। आप इन्हें बिना संदेह आजमाएँ, इसका हाथो हाथ लाभ पाकर दंग रह जाएँगे। ऐसी उर्जा की तेज गति में प्राप्ति के लिए बैठने की विधि भी एक खाश होती है, अर्थात जब भी बैठें, जहाँ भी बैठें, अलर्ट होकर सावधान मुद्रा में बैठें। यानि मेरुदंड बिलकुल सीधा रखें। ये जितना ही सीधा रखेंगे उतना ही तरंगे अन्दर पहुंचकर उर्जा का काम करेंगी। आपके भीतर की आलस को ख़त्म करती रहेगी। चैतन्यता और सक्रियता देगी। रात को विस्तर पर सोने के समय शवासन में सोने कि आदत डालें तो यह सोने पे सुहागे की भांति असर करेगा। सभी आसनों में शवासन ही अकेले इतना प्रभावकारी है कि, केवल शवासन से भी कुंडलिनी जागरण की जा सकती है किन्तु साधारणतः दुस्कर योग है। शवासन में पीठ के बल लेटकर क्रम से पांव की उंगुली से लेकर मस्तिष्क  तक  शिथिल किया जाना चाहिए। इसके लिए चैतन्य मंत्र का मन ही मन उच्चारण कर सकते हैं। मंत्र- ओंम चैतन्य चैतन्य स्वाहा।  
           
          शवासन में नींद भी लग जाती है तो घबराने की बात नहीं, वह नींद भी अति आनंददायक होगी यह जागने पर अनुभव हो जाता है। 
           
         विशेष सुझाव और सहयोग- यदि आप अपने स्मरण शक्ति से खिन्न हैं तो यह नगेटिव सोंच है, आप उपरोक्त उपाय को बेहिचक आजमाएँ ये सहज और सरल हैं। इसमें कोई धन खर्च नहीं होता, जब इसे करना शुरु करेंगें तो आदत लग जाएगी और आप इसे अपने दैनिक कार्य में सामिल कर लेंगे। मगर------किन्हीं कारणवश ये सब न कर पायें तो सिर्फ माथे पर महोष्ठ्गंध की बिंदी या तिलक लगाकर लाभ पायें। महोष्ठागंध में केसर, चन्दन, रोली आदि के साथ कुछ वनस्पति सहित इसे आंवले के रस में मिलाकर तिलक या बिंदी करके स्मरण शक्ति के लिए लाभ उठाया जाता है। इसे माथे पर लगाते ही शीतलता का आभास होता है। और सत्य भी यही है कि, जब ऐसा तिलक या बिंदी आज्ञाचक्र पर लगाया जाता है तो व्यक्ति की बुद्धि कुशाग्र ही नहीं बल्कि अति मेधावी होते हुए स्मरण शक्ति का धनी  हो जाता है। इस सम्बन्ध में किसी भी प्रकार की जानकारी  फोन करके प्राप्त कर सकते है। 
                                                                हमारा जीमेल एड्रेस ashokbhaiya666@gmail.com
(अपना नाम पता हमारे फोन नंबर पर SMS मैसेज कर दें ताकि समय समय पर  आवश्यक जानकारी दी जा सके तथा फेसबुक पर हमसे जुड़ने के लिए अपना फेसबुक खोले और सर्च बॉक्स में Ashok Bhaiya टाइप करके हमारे प्रोफाइल से एक दो मैटर शेयर क्लिक कर दें) 
                                                                                         अशोक भैया   9565120423

6 comments:

  1. अपनी राय या सलाह जरुर दें।

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  2. Aap jaise logon ki wajah se maanavta par vishwas bana rehta hai. Bohot aabhar.

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    1. धन्यवाद। आप हमारे फसबुक पेज से जुड़े। काफी तरह लाभ मिलेगा। ashokbhaiya.blogspot.com

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  3. Anamika main lal aur kanisht main hara?

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  4. हाँ। आप हमारे फेसबुक से शीघ्र जुड़े। ashokbhaiya.blogspot.com

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  5. This comment has been removed by a blog administrator.

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