Monday, 18 November 2013

सम्मोहन ज्ञान त्राटक से सम्भव है.



               सम्मोहन ज्ञान  

    (त्राटक के शुद्ध नियम विधि से सम्भव है।) 
          
     मित्रों, भाई और बहनों, जल्दी ही मैं पारस पत्थर निर्माण विधि इस साईट पर  देने जा रहा हू इंतजार करें। इस समय मुझे सम्मोहन विज्ञान की  प्रेक्टिकल व्यवस्था में कुछ व्यस्त होना पड़  रहा है। तमाम भाई और शुभचिंतकों की मांग पर हमने घर बैठे सम्मोहन, वशीकरण, कुंडलिनी जागरण स्वप्न विज्ञान और त्राटक की बारिकियों को ग्रहण करने के लिए सहज कोर्स  दिया है। यह गर्व का विषय है कि, इस गोपनीय ज्ञान को जानने और ज्ञान ग्रहण हेतु भारी मात्रा में लोग उत्सुक एवं लालायित है। अतः आपका भी स्वागत है। 
                 
             सम्मोहन सीखना कोई आश्चर्यजनक बात नहीं है। यह तो मन का विज्ञान है जो सभी के अन्दर पहले से ही ईश्वर ने दे रखी है किन्तु ज्ञानाभाव के कारण आप अपने इस शक्ति का उपयोग नहीं कर पाते। बल्कि इसमें पारंगत होकर दुनिया में अजीबो-गरीब कार्य सम्पन्न किए जा सकते हैं। बिमारियों के ईलाज से लेकर वशीकरण तक, असंभव से असंभव कार्य इसके जरिए आसानी से हो जाता है। यदि आप इसमें रूचि रखते हैं तो यह आपका सौभाग्य है। आप हमारे नंबर पर अपना विचार बता सकते हैं अथवा कोर्स आरम्भ कर जीवन को अद्भुत उपयोगी बना सकते है।   

          सम्मोहन अर्थात, किसी के मन को मोह लेने की क्रिया, न कि ...........तंत्र मंत्र में उलझना और भ्रमित होना। सम्मोहन मनुष्य के मन का विज्ञान है। दूसरे को सम्मोहित करना या उसके मन को अपने ढंग से संचालित करने की यह कला है। हम जो चाहें, जैसे चाहें, सामने वाला या दूर बैठा कोई भी हमारे विचारों को आत्मसंतुष्टि से पालन करे। सम्मोहन आज के युग में क्रांतिकारी विज्ञान है। वशीकरण सम्मोहन का ही रूप है। कुंडली जागरण अपने आप में गहन विषय है। परन्तु इसमें पारंगत होकर कोई भी व्यक्ति सम्मोहन के क्षेत्र  में मास्टर बन सकता है।

           क्योंकि मानव शरीर अनेक हड्डियों से निर्मित है। इन हड्डियों में कुंडलिनी चक्र है जो शक्ति का भण्डार है। सुषुम्ना, स्वाधिष्ठान, मणिपुर, अनाहत, विशुद्ध चक्र, आज्ञा चक्र और सहश्रार के नाम से प्रसिद्ध है। कोई भी व्यक्ति, पुरुष या स्त्री जब इन चक्रों पर अपना ध्यान एकाग्र करता है तब शरीर की गुरुत्वाकर्षण शक्ति कम होने लगती है। जैसे-जैसे ध्यान की एकाग्रता में वृद्धि होती है वैसे-वैसे सफलता भी स्पष्ट होने लगता है। क्योंकि ध्यान से एकाग्रता की प्राप्ति होती है और एकाग्रता से वायु पर नियंत्रण स्थापित होता है तथा वायु नियंत्रण से व्यक्ति के अन्दर अद्दभुत चुम्बकीय तरंग की उपज होती है।

          शरीर की चुम्बकीय तरंगें ही व्यक्ति को अद्दभुत बनाती है। सम्पूर्ण शरीर स्वस्थ होकर अलौकिक सौंदर्य की प्राप्ति होना, शरीर से हर समय सुगंध प्रवाहित होते रहना, ज्ञान तत्व से ओत-प्रोत रहना, वाणी में मधुरता आना, स्मरण शक्ति का पावरफुल होना, सुनने और सुंघने में विलक्षणता आना, नेत्र व् अंगुली के पोरुओं में भारी मात्रा में हिप्नोटिक ऊर्जा एकत्रित होकर आपको त्रिकालदर्शी व्यक्ति बनाना। अतः सम्पूर्ण कुण्डलिनी चक्रों में से यदि कोई एक चक्र भी जागृत अवस्था में हो जाय तो समझिए साधारण आदमी भी सम्मोहन की अद्दभुत शक्ति प्राप्त कर ही लेता है। 

          परन्तु आज के युग माहौल वातावरण में इसका यूँ जागृत होना अति कठिन ही कहा जाएगा। इसलिए सम्मोहन वशीकरण की चुम्बकीय प्राप्ति के लिए इसके चुने हुए योग विधियों के सहारे आगे बढ़ना चाहिए। जैसाकि, मानव प्राणी में जन्म से ही सम्मोहन वशीकरण की ऊर्जा विद्द्यमान होती है। परन्तु अविकसित रूप में। यदि किसी के अन्दर विकसित भी होती है तो उसे उस शक्ति का प्रयोग करने का ज्ञान नहीं है। मनुष्य के अन्दर का हिप्नोटिक तरंग यानी सम्मोहन ऊर्जा ही वह हथियार है जिससे दुनिया में कुछ भी संभव किया जा सकता है। किसी भी प्राणी या जीव-जंतु, पशु-पक्षी, पेड़-पौधे को नेत्र तरंगों के प्रहार से इच्छानुसार  संचालित किया जा सकता है।

           इस विज्ञान में पारंगत होकर एक जगह बैठे बैठे भी विचारों और इच्छा के माध्यम से किसी को भी आदेश, निर्देश, सलाह, समाचार या सूचना दिया जा सकता है। व्यक्ति चाहें कितना भी दूर हो, कोई फर्क नहीं पड़ता। हम स्वप्न भी इसी सिद्धांत पर देखते हैं। क्योंकि एक सेकेण्ड में सैकड़ों उटपटांग दृश्य देखना यही सिद्ध करता है अर्थात कुछ तो हमारी दिन भर की सोंच स्वप्न के रूप में दिखता है। कुछ दूसरों की सोंच भी हमें स्वप्न के माध्यम से दिखता है। कारण कि, सोने के बाद सैकड़ों लोग आपके बारे में  विभिन्न तरीके से सोंच रहे होते हैं। उसी में आपका अपना विचार भी सामिल हुआ रहता है। अतः यह खिचड़ी प्रोग्राम होकर स्वप्न बन जाता है। 

          इस खिंचड़ी प्रोग्राम स्वप्न को आई-गई बात मानकर हम भूल जाते हैं। जबकि स्वप्न में आए एक-एक दृश्य का अर्थ होता है। यदि किसी एक दृश्य को पकड़कर उसकी भाषा समझे तो आप तुरंत परिणाम निकाल लेंगे। इस दृश्य का इस घटना से सम्बन्ध बनता है। अतः हम मुख्य विषय पर आते हैं अर्थात सम्मोहन पावर को समझना और उसका सामाजिक स्तर पर लाभ उठाना, और जैसाकि इससे पूर्व मैंने एक लेख लिखा है कि, आँखों के सामने शून्य में एक काली तील इधर उधर भागती दिखाई देती है। इसे स्पष्ट आप कभी नहीं देख सकते। 

          यही काली तीळ शस्त्र है हमारे शरीर का। इस शस्त्र को धार देकर अचूक बनाया जाता है। अर्थात यौगिक क्रियाओं से शक्तिशाली बनाया जाता है तब यही काली तिल आपके लिए हथियार की तरह काम करती है। सामने जहाँ भी इस तिल को स्थिर करके जैसा भी सोंच बनाएगे और उस सोंच को जहाँ भी (किसी के मस्तिष्क में) प्रेषित करेंगे वहां पहुंचकर उस प्राणी पर पूरा प्रभाव डालती है। चाहें कोई दुश्मन हो, आलोचक हो, अच्छा हो, बुरा हो। वह आपके प्रति वैसी ही भावना रखेगा या सोंचेगा जो आपने हिप्नोटिक विचार भेजे है। और यह सौ प्रतिशत शरीर और मन का विज्ञान है। 

          आपने देखा होगा, संत फ़क़ीर लोग मोर पंख या हाथ के स्पर्श से बच्चे को झाड़ मारकर स्वस्थ कर दिया करते थे, आज भी देखने को मिलता है। यह क्रिया वैसी ही है जैसा हम बता चुके हैं। क्योंकि शरीर से हिप्नोटिक तरंग निकलने के दो मुख्य श्रोत है, पहला- नेत्र , दूसरा- हाथ की अँगुलियों के पोरुएँ। और उसे ग्रसित करने के लिए सम्पूर्ण शरीर श्रोत होता है। अतः नेत्र और अंगुली के पोरुओं की सम्मोहन उर्जा को सशक्त बनाने के लिए कुछ अभ्यास के साथ-साथ, व्यक्तित्व, व्यवहार, रहन सहन में बदलाव लाने पड़ते हैं। यदि आप सम्मोहन वशीकरण में रूचि रखते हैं तो हमारा सहयोग निश्चित रूप से मिलेगा। 

          आप सही प्रकार से सफलता पाएं इसकी सलाह  विधियाँ और अभ्यास सामग्री पैकेट अपना नाम पता भेजकर  संस्थान से प्राप्त कर लें और निरंतर संपर्क में बने रहें। 30 से 45 दिनों के अभ्यास में आप सफलता के काफी निकट होंगे, क्योंकि अभ्यास के दौरान हमारा संपर्क आपसे लगातार बना रहेगा ताकि सटीक सलाह आपको नुकसान से बचाते हुए शीघ्र सफलता दे। अपना सम्मोहन पैकेट के लिए फोन कर सकते हैं या अन्य जानकारी इस नंबर से ले सकते हैं।      0-9565120423   -अशोक श्री

सम्मोहन से अन्यानेक लाभ -

- किसी भी स्त्री या पुरुष को सम्मोहित कर उसके विचारों पर हाबी होना। 
-  किसी भी दुमन को मित्र बना लेना।
- किसी के मन में क्या है, आसानी से जान लेना। 
- कौन आपका हित, कौन आपका दुश्मन, जान लेना। 
- विमारमुक्त रहना और सौंदर्य प्राप्त करना। 
- अपने व्यवसाय को तरक्की पर ले जाना। 
- किसी घटना दुर्धटना का आभास कर लेना। 
- आशीर्वाद और श्राप देने की शक्ति प्राप्त करना।
- ईश्वर के रहस्यों को समझना। दो लोगों की आपसी टेंशन को ख़त्म करना। 
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इसे जरुर पढ़ लें-
        देश भर के विभिन्न प्रांतों के भाई बहन और शुभचिंतकों के आग्रह पर हमने सम्मोहन वशीकरण और चक्र जागरण का प्रेक्टिकल तौर पर वैज्ञानिक विधि से सहज कोर्स पॅकेज जारी कर दिया है। यह कोर्स 30 से 45 दिनों का है जो आप घर बैठे आसानी से कर सकते हैं। इस सम्बन्ध में किसी भी प्रकार की अतिरिक्त जानकारी हेतु फोन कर लें। आपको हमारा हर सम्भव सहयोग मिलेगा।   


अतः आप दुनिया को हैरत में डालने वाला सम्मोहन शिक्षा प्राप्त करना चाह्ते हैं तो हमारे नम्बर पर फ़ोन कर सकते हैं.  9565120423 - अशोक भैया, (गोरखपुर, ऋषिकेश, हरिद्वार, दिल्ली,) आप हमारे फेसबुक पेज से जुड़कर अपनी समस्याओं के समाधान और अन्यानेक लाभ उठायें. इसके लिए फेसबुक मेंashokbhaiya666@gmail.com टाइप करें. हमारे फोटो को क्लिक करें, प्रोफाइल में जाकर फ्रेंड रिक्वेस्ट करके जो भी मैसेजदेना हो दे दीजिये. तथा हमारे विशेष वेबसाइट से भी लाभ उठाये. www.ashokbhaiya999.com  
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   किसी भी जानकारी के लिए फोन कर सकते हैं - धन्यवाद।  

त्राटक के अद्भुत रहस्य


              आज्ञा चक्र से 
          भूत भविष्य का ज्ञान

                (जीवन को सौन्दर्यवान बनाएं)

          मनुष्य का शरीर शक्तियों का गोदाम है। अनगिनत पावर  प्लांट है इसमें। इस पावर प्लांट या पावर हॉउस को समझना बहुत जरुरी है ताकि इसका भरपूर लाभ उठाया जा सके। यूँ तो पूरे शरीर में जितनी कुंडलिनी चक्र है उनमें आज्ञा चक्र भी एक नाम आता है। यह चक्र मस्तक पर दोनों भौहों के मध्य में विद्द्यमान है, जहाँ लोग बिंदी या तिलक लगाया करते हैं।
         
          आज्ञा चक्र के साधक सदा निरोग, सम्मोहक और त्रिकालदर्शी माने जाते हैं। कुंडलिनी के इसी आज्ञा चक्र को योग साधनाओं दवारा जागृत करके किसी भी स्त्री /पुरुष का भूत भविष्य देखा जा सकता है। वर्तमान/तत्काल वह क्या सोंच रहा है यह आसानी से पता लगाया जा सकता है। चुकि पूरे शरीर में स्थित, लौह तत्व की अधिकांश मात्र आज्ञा चक्र पर ही स्थित होता है इस कारण चुम्बकीय प्रभाव भी यही पर होता है।  
          
          अतः जब इस चक्र का हम ध्यान करते हैं तो हमारे शरीर में एक विशेष चुम्बकीय उर्जा का निर्माण होने लगता है उस उर्जा से हमारे अन्दर के दुर्गुण ख़त्म होकर, आपार एकाग्रता की प्राप्ति होने लगती है। विचारों में दृढ़ता और दृष्टि में चमक पैदा होने लगती है। तत्पश्चात जब कहीं भी अपनी दृष्टि जाती है तो वहां के बारे में या उसके व्यक्तित्व के बारे में अंतर्रुपी ढंग से ज्ञान-अनुभव होने लगता है कि, सच्चाई क्या है। आज के युग में तो ऐसी साधना हर किसी को करनी ही चाहिए ताकि सामने वाले पुरुष या स्त्री के मन में क्या है बिना बताये पता लग जाय।  

          आपके प्रति उसके अन्दर कैसी भावना है। वह आपके लिए नुकसानदायक है या फायदेमंद। ये सब कुछ जानकारी मिल जाती है और यह जीवन की बहुत बड़ी उपलब्धि होगी जब आप अपने आज्ञाचक्र को जागृत करने का प्रयत्न करेंगे। सौभाग्य से आपकी आज्ञाचक्र जागृत हो जाता है तो दुनिया में आपके लिए कुछ भी असंभव नहीं रह जाएगा, यह हमारा दावा है। यदि थोड़ा भी जागृत हुआ तो बेशक आपके लिए वह धारदार शस्त्र का काम करेगा तथा समाज कल्याण के लिए बहुत कुछ कर सकेंगे आप।

          यही नहीं आप आज्ञा चक्र को जागृत करके सम्मोहन वशीकरण में भी अद्भुत लाभ प्राप्त को भी अपने वश में कर सकते है। बिमारियों से मुक्त बन सकते है। ज्ञान के क्षेत्र में शोहरत पूर्ण आगे जा सकते है। अर्थात जिंदगी में कुछ भी कर सकते है। आज्ञा चक्र जागृत करना बहुत मुश्किल नहीं है। इसके लिए विशेष नियम विधि से त्राटक का अभ्यास करना होता है। सही विधि उसे कहते है, जिसके द्वारा आपको सफलता पर सफलता मिलती चली जाये। वरना अशुद्ध और अपूर्ण विधि से आँखें नुकसान भी उठाती  है।  इसी कारण ऐसा त्राटक ज्ञान किसी अनुभवी के मार्गदर्शन में ही करना उचित होता है। 

          क्योंकि ……. ..............इसके जागरण से पूरा शरीर सम्मोहन की उर्जा से आप्लावित हो जाता है जिससे किसी विमार व्यक्ति को स्पर्श करके ही रोग मुक्त कर सकते हैं। किसी अपराधी प्रवृति के युवक या युवती की गलत सोंच को ख़त्म कर उसे सही राह पर लाया जा सकता है। रात दिन तनाव में रहने वाले व्यक्ति को माइण्ड फ्री और फ्रेस बनाया जा सकता है। किसी की उलझी हुई गुथियों को सुलझाया जा सकता है। नशा पान करने वालों को पूर्ण स्वस्थ किया जा सकता है। 

          अतःआज्ञा चक्र जागृत कर एक अच्छा भविष्यवक्ता बना जा सकता है। समाज में अलग स्टेट्स बन सकते हैं। क्योंकि एकाग्रता आपके अन्दर भ्रमण करती रहती है। आज्ञाचक्र जागृत करने के लिए बहुत कठिन युक्ति  भी नहीं है। आइए आज्ञाचक्र को जागृत करने के कुछ उपाय पर चर्चा करते हैं। 

आज्ञाचक्र चर्चा- 

.          किसी शांत एकांत कमरे या स्थान पर पालथी मारकर बैठ जाएं। मेरुदंड सीधा रखें, झुके नहीं। दोनों आँखे बंद कर लें। अपने मस्तक के मध्य दोनों भौहों के मध्य में ध्यान से देखने का प्रयास करें। जब आप ऐसा करेंगे तो थोड़ा कष्ट होगा परन्तु अभ्यास बनाए रखेंगे तो आगे सरल सहज लगेगा। जब आप आँखे बंद कर चक्र का ध्यान करते हैं तो वहाँ घोर अँधेरा दीखता है। जैसे ब्रह्माण्ड में चारो तरफ अँधेरा ही अँधेरा व्याप्त हो। किन्तु उस घोर अँधेरे में भी एक काली सी तिल चलती भागती दिखाई देती रहती है। 
          अपने ध्यान के उस क्षण (समय) में उस काली तिल को अपने आज्ञाचक्र के पॉइंट पर ही स्थापित करने का प्रयत्न करें। नित्य अभ्यास करेंगे तो आपको शीघ्र सफलता प्राप्त होने लगेगी। जैसे ही वह काली तिल चक्र पॉइंट पर स्थापित होने लगेगी तभी से वहां का अँधेरा भी छटने लगेगा और जैसे-जैसे उजाले में वृद्धि होगी वैसे वैसे आज्ञाचक्र जागृत होता चला जाएगा। यह एक गुढ़ विद्दा है। गुढ़ रहस्य है। किन्तु आप इसको समझ लेते हैं, और अभ्यास जारी रखते हैं तो मेरा दावा है आप समाज के विशिष्ट हस्ती बन सकते हैं।

            आज्ञाचक्र जागरण की अन्य विधियाँ भी है जिससे शीघ्र सफलता प्राप्त की जा सकती है। इसमें क्रिस्टल बाल, महाशाक्तिचक्र और आज्ञाचक्र यन्त्र  के माध्यम से यह अभ्यास आसान हो जाता है। परन्तु इसके निरंतर अभ्यास से ही पूर्णता संभव होती है। यदि आप इस सम्बन्ध में रूचि रखते हैं तो हमसे विचार विमर्श कर सकते हैं।  आपको हमारा मार्गदर्शन सहयोग निश्चित रूप से प्राप्त होगा।    

इसे अवश्य पढ़ें-

सभी भाई  बहन और शुभचिंतकों के लिए यह आपार हर्ष का विषय है कि, हमने अपने पूर्व सूचना के मुताबिक त्राटक ज्ञान के साथ सम्मोहन, वशीकरण, कुंडलिनी जागरण का 30 से 45 दिनों का विशेष  कोर्स जारी कर दिया है। इस दुर्लभ त्राटक सम्मोहन कोर्स को अनेक प्रांतों के भाई बंधु और शुभचिंतक लगन पूर्वक कर रहे हैं। अतः मंगल कामना हैं इनकी सफलता के लिए तथा आपके लिए हार्दिक कामना है आपके आगमन के लिए। क्योंकि आप दुनिया से बहुत कुछ हासिल कर सकते हैं परन्तु ऐसा अद्भुत और दुर्लभ ज्ञान कहीं और से प्राप्त करना बहुत ही कठिन है। नामुमकिन भी मान लीजिये। इस सम्बन्ध में किसी भी जानकारी के लिएआप बेहिचक हमें फोन कर सकते हैं। आपको हमारा भरपूर सहयोग प्राप्त होगा, भरोसा रखें।    
                                                                                    - धन्यवाद ! 
                                           हमारा जीमेल एड्रेस ashokbhaiya666@gmail.com
अतः आप दुनिया को हैरत में डालने वाला सम्मोहन शिक्षा प्राप्त करना चाह्ते हैं तो हमारे नम्बर पर फ़ोन कर सकते हैं.   - अशोक भैया, 9565120423 गोरखपुर, ऋषिकेश, हरिद्वार, दिल्ली,
आप हमारे फेसबुक पेज से जुड़कर अपनी समस्याओं के समाधान और अन्यानेक लाभ उठायें. इसके लिए फेसबुक मेंashokbhaiya666@gmail.com टाइप करें.
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   किसी भी जानकारी के लिए फोन कर सकते हैं - धन्यवाद।  

Sunday, 17 November 2013

त्राटक से सम्मोहन


           मन की बात कैसे जानें ?

          किसी के मन में क्या है, सामने वाला क्या सोंच रहा है। अच्छा सोंच रहा है या गलत सोंच रहा है? इसकी जानकारी हमें होनी चाहिए। यदि ऐसा होता है तो अपनी रक्षा के लिए पहले से हम  सावधान हो सकते हैं। आगे के कार्यों के लिए सही कदम उठा सकते हैं और  ऐसा ज्ञान, ऐसी जानकारी हम प्राप्त कर सकते हैं। किसी के भी मन को आप टटोल सकते हैं। उसके मन को संचालित कर सकते हैं अपने रिमोट पर।
        
           सी ज्ञान जानकारी की उपलब्धि के लिए शास्त्रों  में अनेक विधियाँ है। जिसमे योग, त्राटक, तंत्र, मंत्र, इत्यादि। इसी में टेलीपैथी एक  विधि है जिसके द्वारा हम ऐसी उपलब्धि हासिल कर सकते हैं। टेलीपैथी एक  ऐसी  साधना या प्रयोग विधि है जिसका अभ्यास कर मेधावी और त्रिकालदर्शी तक बना जा सकता है। इसके द्वारा नजदिक् या दूर दराज बैठे  व्यक्ति के मन मैं क्या चल रहा है जान  सकते हैं। 
           
          बड़ा ही दिलचस्प विषय है इसके द्वारा लोगों के मन में  झांक सकते हैं। दूसरों के मन की बात जान  लेने के लिए मंत्र विधि भी है, तंत्र विधि भी है जो कुछ जटिल माना  जाता है। किन्तु आज के वैज्ञानिक युग में एक  ऐसी प्रेक्टिकल अभ्यास विधि है जो कुछ विशेष सामग्रियों  के माध्यम से संपन्न की जाती है। और इसमें पूरी सफलता भी मिल जाती है। हमारे विचार से यह विधि सभी के लिए सहज है।   क्योंकि इसका नियम पूर्वक अभ्यास कर पहले अपने खुद के मन को कंट्रोल में  किया जाता है। उसके बाद तो दूसरे  के मन को कंट्रोल आसानी से किया ही जा सकता है। 
           
        मन एक  चंचल तत्व  है  इसे स्थिर रहना आवश्यक है। स्थिर रहेगा तभी हम इच्छा शक्ति के माध्यम से किसी के भी मन को  हस्तक्षेप कर सकते हैं। अभ्यास के बाद आप साधारण नहीं रह जाते, आपके अन्दर असाधारण चुम्बकीय तरंगे  तैरने लग जाती है कि,  जिधर भी नजर जाए उधर की पूरी स्थिति स्पष्ट  समझ में आ जाए। कोई आपको देख रहा है तो वह बोले न बोले, आप समझ जाते है कि,  वह क्या सोंच रहा है। कैसी भावना से आपको  देख रहा है। अतः सही अभ्यास से किसी भी प्राणी को दास या दासी बनाया जा सकता है इसमें कोई संदेह नहीं। 
            
        किसी के भी मन की बात  उगलवाया जा सकता है। रहस्य की बातें पूछी जा सकती है। उसे सही मार्गदर्शन दिया जा सकता है। उसकी गलत आदतों को सुधारा  जा सकता है। अर्थात सामने वाले से अपनी बात मनवाई जा सकती है। ऐसा होना या करना किसी भी प्रकार से असामाजिक नहीं है। क्योंकि ऐसी शक्ति और  पावर तो प्रकृति ने पहले से मनुष्य को दे रखी है, जो अज्ञानता के कारण कोई इस्तेमाल नहीं कर पाता। इसके विस्तार की व्यवस्था आपने ही ख़राब कर दिया है। आप भूल चुके है कि, ऐसा भी हो सकता है। किन्तु ये सत्य है कि , ऐसा होता आया है और  ऐसा निश्चित हो सकता है। 
           
       जिस प्रकार अस्त्र शस्त्रों पर भी धार लगाते रहने की जरुरत होती है, उसी प्रकार अपने अन्दर की साधारण उर्जा तरंगों को भी अभ्यासों के द्वारा पावरफूल  बनाया जाता है और यह एकाग्रता पूर्ण  अभ्यास से ही संभव होता है। जब आप अभ्यास शुरू  करते है तो कुछ खाश-खाश बातों पर ध्यान रखते हुए उसे जारी  रखना होता है। अर्थात अभ्यासकाल के दौरान विचारों में, बातों, में, व्यवहार में, वस्त्रों  में, खान-पान में, सादगी रखनी होती है। यह ध्यान रखते हैं तो आपके अभ्यास में सुगमता आती है। आप जल्दी पारंगत होते हैं। यह एक प्रेक्टिकल विज्ञानं है, जिसमें संदेह की कोई गुन्जाईस नहीं। मात्र 33 दिन में आप इसी अभ्यास की बदौलत  साधारण व्यक्ति से असाधारण व्यक्तित्व  बन चुके होते हैं। 


सभी भाई  बहन और शुभचिंतकों के लिए यह आपार हर्ष का विषय है कि, हमने अपने पूर्व सूचना के मुताबिक त्राटक ज्ञान के साथ सम्मोहन, वशीकरण, कुंडलिनी जागरण का 30 से 45 दिनों का विशेष  कोर्स जारी कर दिया है। इस दुर्लभ त्राटक सम्मोहन कोर्स को अनेक प्रांतों के भाई बंधु और शुभचिंतक लगन पूर्वक कर रहे हैं। अतः मंगल कामना हैं इनकी सफलता के लिए तथा आपके लिए हार्दिक कामना है आपके आगमन के लिए। क्योंकि आप दुनिया से बहुत कुछ हासिल कर सकते हैं परन्तु ऐसा अद्भुत और दुर्लभ ज्ञान कहीं और से प्राप्त करना बहुत ही कठिन है। नामुमकिन भी मान लीजिये। इस सम्बन्ध में किसी भी जानकारी के लिएआप बेहिचक हमें फोन कर सकते हैं। आपको हमारा भरपूर सहयोग प्राप्त होगा, भरोसा रखें।    
                                                                                    - धन्यवाद ! 
ऐसी उपलब्धि हासिल करने के लिए आपको हमारी शुभकामना है। आप घर बैठे हमारे मार्गनिर्देशन में इसके लिए सम्मोहन कोर्स कर सकते हैं। क्योंकि सम्मोहन, वशीकरण, कुंडलिनी जागरण, त्राटक इत्यादि सभी एक दूसरे से जुडी हुई विधाएं है। 

        कोई भी पुरुष/स्त्री, युवक/युवती इसका नियम पूर्वक अभ्यास कर दूसरों के मन की बातें आसानी से जान सकते हैं और  दूसरों के मन को अपने हिसाब से संचालित भी कर सकते है। मन को अपने कंट्रोल में करने की यह विधि सर्वथा गोपनीय किन्तु सहज है। इस सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी के लिए हमें फोन करके प्राप्त कर सकते हैं।     
                                                       हमारा जीमेल एड्रेस ashokbhaiya666@gmail.com
                                                   
अतः आप दुनिया को हैरत में डालने वाला सम्मोहन शिक्षा प्राप्त करना चाह्ते हैं तो हमारे नम्बर पर फ़ोन कर सकते हैं.9565120423 - अशोक भैया, गोरखपुर, ऋषिकेश, हरिद्वार, दिल्ली, इसी के साथ - मंगल कामनाओं सहित- अशोक भैया 
आप हमारे फेसबुक पेज से जुड़कर अपनी समस्याओं के समाधान और अन्यानेक लाभ उठायें. इसके लिए फेसबुक मेंashokbhaiya666@gmail.com टाइप करें. हमारे फोटो को क्लिक करें, प्रोफाइल में जाकर फ्रेंड रिक्वेस्ट करके जो भी मैसेजदेना हो दे दीजिये. तथा हमारे विशेष वेबसाइट से भी लाभ उठाये. www.ashokbhaiya999.com  
                                                                           
   किसी भी जानकारी के लिए फोन कर सकते हैं - धन्यवाद।
 अशोक भैया    -9565120423 ऋषिकेश, दिल्ली, हरिद्वार, लखनऊ, गोरखपुर 

वशीकरण तिलक बिंदी का अचूक प्रभाव

                 वशीकरण तिलक 

            (जिससे भी मिलें सम्मोहित हो जाए) 

          प्राचीन शास्त्र ग्रंथो में  किसी को भी सम्मोहित करने या उसे अपने वश में करने के अनेकों उपाय उपलब्ध हैं जिससे पत्थर दिल वाले भी सहजता से मोहित होकर आपकी इच्छाओं के अनुकूल संचालित रहते हैं। आप जिस तरह से चाहते हैं, जैसी इच्छा बनाते हैं सामने या दूर बैठा पुरुष या स्त्री आपके इच्छा का पालन करना ही अपना धर्म मानने लगता हैं। 
          
        क्योंकि सम्मोहन  किसी के भी मन को मोह लेने की वैज्ञानिक क्रिया है l यह कोई जादू, मंत्र, टोना, टोटका नहीं है। यह शुद्ध रूप से शरीर और मन का विज्ञान है जिसे ऋषि मुनियों ने भी प्रयोग किया और प्रबुद्ध लोगों और वैज्ञानिकों ने भी। इसके लिए अनेकों विधि है। आप सम्मोहन का ज्ञान प्राप्त करके जीवन में हलचल मचा सकते हैं और जीवन को लायक भी बना सकते हैं। इसी साईट पर आगे आप हमारे सम्मोहन वशीकरण से सम्बंधित अन्य लेख पढ़ें। हमारा सहयोग आपको अवश्य मिलेगा। यहाँ हम सहज प्रयोग के रूप कुछ ऐसे बिंदी या तिलक धारण विधि को बताएँगे जिसका परिणाम देखकर आप चकित रह जाएँगे। यानी  मस्तक पर कुछ ऐसे तिलक, बिंदी या टिक्का लगाने का प्रयोग जिसका प्रभाव सामने वाले नर-नारी को अपने सम्मोहन मैं आसानी से बांध लेता है। 
          
          इस विधि का प्रयोग  करके आप जिसके भी सामने जाएँगे या सामने से गुजरेंगे वह आपसे आकर्षित हुए बिना नहीं रहेगा। जब बात करेंगे तो आपकी बातें, विचार उसे बहुत पसंद  आएगा।  आप जो भी कहेंगे उसका मन उसे स्वीकार करता जाएगा। आपके लिए भविष्य मैं वह निश्छल रूप से मित्रता पूर्ण  व्यवहार करेगा। चाहें कोई अधिकारी हो, कर्मचारी हो, प्रेमी हो, प्रेमिका हो, नौकर हो, मालिक हो, दुकानदार हो, कोई भी हो, पूरी दुनिया के लोगों  के लिए इसका प्रभाव बराबर लागू  होता है। क्योंकि हर व्यक्ति के शरीर का सर्वाधिक लौह तत्व  मष्तिस्क के बीच  होता है जहाँ बिंदी या तिलक लगाई  जाती है। इसे आज्ञा  चक्र या गुरु चक्र भी कहते हैं। 
         
          आमतौर  पर जब 2 व्यक्ति आमने सामने मिलते हैं तो एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति  पर निश्चित ही हाबी हो जाता  है, कारण कि, उस समय किसी एक का लौह तत्व यानी मैग्नेटिक तरंग, जिसे चुम्बकीय तरंग भी कहते हैं वह  पावर में होती है। इस कारण मुलाकात सामान्यतः औपचारिक  हो जाती  है। किन्तु एक व्यक्ति अपने आज्ञाचक्र पर बिंदी या तिलक लगाकर बात करे तो दूसरे वाले पर भारी पड़  जाता है। क्योंकि एक की चुम्बकीय तरंग दूसरे से शक्तिशाली होती है और कमजोर तरंग वाला सम्मोहित हो जाता है। 
          
          अर्थात मस्तक पर आज्ञा चक्र का बहुत ही महत्व है। यह गोपनीय विधि है जिसे सार्वजनिक किया  जा रहा है। मस्तक पर अपने आज्ञा चक्र पर लगाने के लिए दी जा रही  कुछ सामग्रियों का प्रबंध करके बिंदी या तिलक लगाए फिर देखें दुनिया किस कदर लट्टू हो जाती है और आपका काम बनने  लगता है। जिससे भी मिलने जाना हो ये तिलक लगाकर सामने जाएँ। किसी के विवाह में वाधा  रूकावट हो तो युवक या युवती को दिखावा के वक्त ऐसा बिंदी या तिलक लगादें सफलता मिलेगी। अधिकारी से कोई कार्य हो तो  काम बन जाएगा। दुकान पर ग्राहक आएँगे। दुश्मन,  दुश्मनी भूल जाएगा। क्योंकि इसका असर महिला या पुरुष सभी पर बराबर  होता है। 
         
        कोई आपसे नाराज चल रहा है तो फिक्र न करें, उसका नाम उच्चारण करके बिंदी / तिलक लगाकर सामने जाएँ तुरंत  परिवर्तन दिखेगा। दुनिया की कोई भी वस्तु बेकार या फालतू नहीं होती। ज्ञान हो तो एक तिनका भी अपना बेशकीमत मूल्य रखता है। प्राचीन सामग्रियों का महत्व आज भी तरोताजा है। चुकि  आधुनिकता की चपेट मैं हम प्राचीन शास्त्र सामग्रियों को भुलते  चले जा रहे  हैं, परन्तु आज भी इनमें रामबाण असर है। चुनौतीपूर्ण पावर  है जो काफी सहजता से आपकी समस्या समाधान करते हुए आपको एक  सम्मोहक व्यक्तित्व के रूप में प्रस्तुत करती है। अतः नीचे  3 प्रकार के बिंदी या तिलक प्रयोग करने की आसान विधि दी जा रही है, आपको इसका शत - प्रतिशत लाभ मिलेगा। 

विधि -

1- तुलसी का बीज, रोली और काली  हल्दी को आंवले के रस में मिलाकर गोल बिंदी या गोल/लम्बा तिलक लगाकर घर से निकलें। किसी से भी मिलना हो आराम से बात करें। वह व्यक्ति आपके सम्मोहन बंधकर जवाब देगा, जो आपके हक़ मैं सकारात्मक होगा । 

विधि -

2-  गुरुवार  के दिन हरताल और असगंध को केले के रस में पीसकर उसमें गोरोचन मिलाएं  और बिंदी या तिलक करें। समान लाभ होगा।

विधि - 

3- गुरुवार के दिन ही काली  हल्दी, रोली, असगंध  और चन्दन को आंवले के रस में मिलाकर  तिलक या बिंदी करें। समान लाभ मिलेगा। 
          
         प्रस्तुत तीनों प्रयोग अनेकों लोगों पर आजमाया हुआ है। आप अपने शहर  के किसी व्यक्ति या दुकानदार  से सामग्रियों की व्यवस्थl कर विधि के अनुसार प्रयोग करें। जो भी आपसे नजर मिलाएगा वो ठगा सा रह जाएगा। क्योंकि देखने वाले की मैग्नेटिक तरंग कमजोर होती है और उसपर आपके बिंदी तिलक का जबरदस्त  असर जो होता है । किन्तु हाँ, आप अपने अन्दर की नकारात्मक सोंच ख़त्म कर दें तो यह प्रयोग बिजली की तरह काम करता दिखेगा। आप अभी से सकारात्मक सोंच की आदत डालिए ये आपको और भी मामलों में कामयाबी  दिलाएगा। 

नोट - उपरोक्त सामग्री उपलब्ध न कर पायें तो संस्थान से प्राप्त कर लें। कोरियर डाक से भेजने का प्रबंध है। 

अथवा संस्थान द्वारा दुर्लभ सामग्रियों से निर्माण किया हुआ महोष्ठगंध तिलक पाउडर को मंगाले और उसे आंवले  में मिलाकर तिलक या बिंदी करें शत प्रतिशत लाभ प्राप्त होगा।  महोष्ठगंध के लिए आप फोन कर सकते हैं। 

विशेष - यदि आप ऐसे प्रयोग में  रूचि रखतें हैं  तो कहीं से सिद्ध क़िया  हुआ वशीकरण यन्त्र प्राप्त करें। जब भी किसी महत्वपूर्ण मुलाकात करने जाना हो तो वशीकरण यन्त्र के सामने 21 बार  व्यक्ति  का नाम और इच्छा दुहराकर तिलक लगाएं  और घर से निकलें। आप खुद इसके प्रभाव और अप्रत्याशित लाभ से दंग  रह जाएँगे। अतः आप बिना संदेह विधि का प्रयोग करें। इस सम्बन्ध में कोई भी अन्य जानकारी लेनी हो तो सीधे  फोन करके पूछ लें। हमारा सहयोग आपको निश्चित मिलेगा।  

नोट- यह आपार हर्ष का विषय है कि, हमने अपने पूर्व सूचना के मुताबिक त्राटक ज्ञान के साथ सम्मोहन, वशीकरण, कुंडलिनी जागरण का 30 से 45 दिनों का विशेष कोर्स जारी कर दिया है। इस दुर्लभ त्राटक सम्मोहन कोर्स को अनेक प्रांतों के भाई बंधु और शुभचिंतक लगन पूर्वक कर रहे हैं। अतः मंगल कामना हैं इनकी सफलता के लिए तथा आपके लिए हार्दिक कामना है आपके आगमन के लिए। क्योंकि आप दुनिया से बहुत कुछ हासिल कर सकते हैं परन्तु ऐसा अद्भुत और दुर्लभ ज्ञान कहीं और से प्राप्त करना बहुत ही कठिन है। नामुमकिन भी मान लीजिये। इस सम्बन्ध में किसी भी जानकारी के लिएआप बेहिचक हमें फोन कर सकते हैं। आपको हमारा भरपूर सहयोग प्राप्त होगा, भरोसा रखें।    
                                                            हमारा जीमेल एड्रेस ashokbhaiya666@gmail.com
                                                                                                             अशोक भैया  - 9565120423

Sunday, 25 August 2013

सत्य की सुगंध



                            सत्य  की सुगंध

             (एक सुखद अनहोनी घटना)

          बहुत साल पहले पढाई के समय में ही मैं जिज्ञासु किस्म का रहा। भिन्न-भिन्न ज्ञान-विज्ञान में मेरी रूचि हुआ करती। मैंने सुना था, समुद्र में कोई ऐसी मछली होती है जो अपने शरीर में बिजली उत्पन्न कर लिया करती। मैं उस मछली की जानकारी तलाशना शुरू कर दिया। ढेर सारी किताबें खरीदकर पढा, बहुतों से उस मछली के बारे में जानकारी लेना चाहा किन्तु सही जानकारी का बिलकुल ही अभाव रहा। फिर मैं कोलकत्ता नेशनल लायब्रेरी का सदस्य बनकर वहां से डाक के जरिये किताबें मंगाकर पढ़ता रहा, पर बात वहीँ की वहीँ रुकी रही।  

          हाँ एक बात जरुर हुआ  इसी सिलसिले में मैं जोधपुर (राजस्थान) स्थित पूज्य गुरुदेव डॉ नारायणदत श्रीमाली जी और वहां से प्रकाशित पत्रिका तंत्र मंत्र यन्त्र विज्ञान से परिचित हुआ। पत्रिका पढ़कर अच्छा लगा, साथ ही मेरा मकसद कामयाब होता नजर आने लगा। आगे चलकर पत्रिका का नियमित सदस्य बनना पड़ा क्योंकि अब यूँ लग रहा था, मानो मैं किसी मैग्नेटिक दुनिया में प्रवेश करता जा रहा हूँ। वह पत्रिका पढ़कर ही लग गया कि अब मछली मिले न मिले एक सक्षम सामर्थ्य गुरुदेव मिल गए है तो मैं भी वो विद्युत् उत्पन्न कर ही सकता हूँ। 

          मैं लगातार संपर्क में रहा घर बैठे कई प्रकार के योग साधना और प्रयोग भी किये जिससे मेरे आत्मविश्वास और इक्षाशक्ति को वृद्धि और विस्तार होने में बहुत मदद मिली। मगर तब तक गुरुदेव से प्रत्यक्ष मिलने और उनसे कुछ हासिल करने की आरजू बहुत ही तेज हो चली थी। जोधपुर का कई प्रोग्राम बनाया और फेल होता गया। कभी मन में कोई संदेह घर कर जाता तो कभी व्यवस्था शून्य हो जाता। किन्तु एक रात मैं विस्तर पे था। जोधपुर आश्रम के बारे में ही सोंच रहा था ........तो लगा इस तरह तो सोंचता ही रह जाऊंगा। उस रात दृढ निश्चय किया और अगली सुबह निकल गया गुरुआश्रम के लिए जोधपुर।  

          मैं दिल्ली गया और दिल्ली से जोधपुर। उन दिनों छोटी लाइन ही थी। बहरहाल मैं आश्रम पहुँच गया। और नजारा देखा तो बड़ा ही अफसोस हुआ अपने आप पर कि, मैंने इतना विलम्ब क्यों किया यहाँ आने में। यहाँ तो सब कुछ संभव है। उस समय वहां कोई महोत्सव था। इसलिए उस शिविर आयोजन में देश और विदेश से तमाम शिष्यों का आगमन जारी था। मेरे लिए तो वह सब कुछ नया और अनहोनी घटना की तरह ही था। चारों तरफ उमंग, हर तरफ उत्साह। दृश्य देखकर मैं अपना सब कुछ भूल चूका था। मैं  कौन  हूँ, कहा से आया हूँ। बस ये मालूम था कि मैं गुरुदेव से मिलने आया हूँ, कुछ हासिल करने आया हूँ।  

          संदेह ऐसी चीज है जो अक्सर ही सौभाग्य पर ग्रहण लगा देती है। क्योंकि  हर आदमी हर बात ठोक बजाकर देख लेना चाहता है। जिसे (आज) मैं उचित नहीं मानता। कभी रिश्क भी उठाये जाते है। विश्वास भी किया जाता है। उस वक्त मैं स्वयं बार-बार अपने आप पर खीज रहा था कि, इतने साल से मैं संदेह लिए सोंचता रहा, वहां क्या होगा, कैसा होगा आदि आदि। खैर वहां मेला सा प्रतीत हो रहा था। साधना प्रवचन जारी था।  मैंने स्टाल से गुरुदेव के बहुत सारे बुक्स ख़रीदे। आडिओ कैसेट और भी कुछ सामग्रियां खरीदी। स्थिति तो ऐसी थी कि हर कोई वहा का सब कुछ ले लेना चाहता था क्योंकि हर चीज दुर्लभ और अनोखा था। 

          शिविर में गुरुदेव प्रवचन के माध्यम से लक्ष्मी साधना, सरस्वती साधना, सम्मोहन साधना, वशीकरण साधना, कुंडलिनी जागरण आदि के बारे में बारीकी से बताते फिर अपने सानिध्य में प्रत्यक्ष साधना कराते। गुरु दिक्षा के साथ-साथ अन्यानेक दुर्लभ दिक्षा भी प्रदान किया जाता। मैं अपना सौभाग्य मानते हुए कार्यक्रमों में भाग लेता रहा फिर घर आकर उसके निरंतर अभ्यास में लग जाता। उन्होंने ही बताया था कि, सम्मोहन वशीकरण शरीर और मन का विज्ञान है। इस रहस्य को हर किसी को जानना चाहिए और जब भी, जहाँ भी अवसर मिले तो किसी के सही मार्गदर्शन में इस ज्ञान को प्राप्त कर लेना चाहिए। 

             सम्मोहन विज्ञान तो दुनिया का एक ऐसा विषय है जिसके दवारा कठिन से कठिन कार्य संपन्न  किये जा सकते हैं। अपने शरीर में विद्युत् यानि घोर आकर्षण तरंग एकत्रित किया जा सकता है और किसी भी प्राणी को उस प्रभाव से आकर्षित कर उसे स्तब्ध किया जा सकता है। समाज में लोकप्रिय बना जा सकता है। असाध्य बीमारियों का उपचार किया जा सकता है। गलत पथ पर जा रहे लोगों को सुधारा जा सकता है। पारिवारिक तनाव ख़त्म किया जा सकता है। नाराज चल रहे प्रेमी या किसी व्यक्ति को अपने अनुकूल बनाया जा सकता है। दूसरों के मन की बात पता किया जा सकता है। कुंडलिनी जागरण में सहयोग पाया जा सकता है। यादाश्त काफी तेज किया जा सकता है इत्यादि।

          सभी प्रकार की समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। सम्मोहन की शिक्षा दीक्षा  से समाज में श्रेष्ठ व्यक्ति बना जा सकता है और यह लाभ समान रूप से स्त्री पुरुष कोई भी प्राप्त कर सकता है। आज यह महासौभाग्य की बात है कि, मैं अपने अनुभव की बात बता रहा हूँ तथा सम्मोहन विज्ञान को सिखने समझने का अवसर भी दे रहा हूँ क्योंकि किसी भी ज्ञान का सही प्रकार से विस्तार होना चाहिए ताकि उसका लाभ साधारण व्यक्ति भी आसानी से उठाये। सम्मोहन विज्ञान पर कई प्रामाणिक लेख मैंने इससे पहले भी दिया है। इसे सिखने समझने की आसान विधि और उपाय भी दिया गया है।

          आज वे सभी भाई बन्धु और शुभचिंतक सौभाग्यशाली हैं जो संदेह से परे हटकर सम्मोहन अभ्यास आरम्भ कर चुके हैं और लगातार हमारे संपर्क में रहते हुए सफलता के पथ पर है। उनके नाम पत्ते फोन नंबर शीघ्र ही प्रकाशित किये जायेंगे क्योंकि कुछ लोग आज भी संदेह की गिरफ्त में हैं कि, ऐसा संभव नहीं जबकि सम्मोहन विज्ञान ही ऐसा शस्त्र और शास्त्र है जहाँ कुछ भी असंभव नहीं। 24-25 वर्ष पहले मैं भी ऐसा ही समझता था। आज मुझे पढ़कर अंदाजा लगाया जा सकता है कि सम्मोहन शास्त्र किसे कहते हैं। मैं अब भी कह रहा हूँ, आप जहाँ भी रहिये, अपनी समस्याएँ मुझे फोन, या नेट मैसेज से बताइए। मेरा पूरा प्रयत्न होगा आपकी समस्या का समाधान दूँ। किन्तु मेरी राय है, सोंच ऐसा बनाइये ताकि समस्याओं के समाधान आप खुद कर सके। यह मेरे लिए भी गर्व की बात होगी। 

          सम्मोहन विज्ञान एक ज्ञान है इसे सिखने सिखाने में किसी प्रकार का कोई शुल्क नहीं होना चाहिए। किन्तु दूसरे पक्ष से देखा जाय तो ऐसा दुर्लभ ज्ञान महाज्ञान तो अपना सब कुछ न्योछावर करके भी प्राप्त कर लेना चाहिए। सम्मोहन विज्ञान मात्र  किसी आकर्षण का विषय नहीं है। यह तो मानव तन में प्रारंभ से स्थित चुम्बकीय तरंगों का ज्ञान है। यह तरंगें सुप्त अवस्था में होती हैं जिसे अज्ञानता वश हम उसे नजरंदाज करते रहते हैं। इसके अभ्यास पूर्णता के बाद व्यक्ति, सामान्य व्यक्ति न होकर अपने क्षेत्र का प्रभावशाली व्यक्तित्व बन चुका होता है। अतः सम्मोहन अभ्यास सामग्री पैकेट प्राप्त करने के लिए आप फोन से संपर्क कर लें।   फोन न. 9565120423 (दिल्ली-ऋषिकेश) 

नोट- यह आपार हर्ष का विषय है कि, हमने अपने पूर्व सूचना के मुताबिक त्राटक ज्ञान के साथ सम्मोहन, वशीकरण, कुंडलिनी जागरण का 30 से 45 दिनों का विशेष कोर्स जारी कर दिया है। इस दुर्लभ त्राटक सम्मोहन कोर्स को अनेक प्रांतों के भाई बंधु और शुभचिंतक लगन पूर्वक कर रहे हैं। अतः मंगल कामना हैं इनकी सफलता के लिए तथा आपके लिए हार्दिक कामना है आपके आगमन के लिए। क्योंकि आप दुनिया से बहुत कुछ हासिल कर सकते हैं परन्तु ऐसा अद्भुत और दुर्लभ ज्ञान कहीं और से प्राप्त करना बहुत ही कठिन है। नामुमकिन भी मान लीजिये। इस सम्बन्ध में किसी भी जानकारी के लिएआप बेहिचक हमें फोन कर सकते हैं। आपको हमारा भरपूर सहयोग प्राप्त होगा, भरोसा रखें।   
                                                            हमारा जीमेल एड्रेस ashokbhaiya666@gmail.com

जो लोग अभ्यास आरम्भ कर रहे हैं या कर चुके हैं, वे अपना अनुभव या समस्याएं हमें निःसंकोच बताते रहें। आवश्यक होने पर सलाह भी लेते रहें। सम्मोहन अभ्यास में त्राटक का सर्वाधिक महत्व है और त्राटक नेत्रों के माध्यम से ही किया जाता है। अभ्यासकाल में नेत्रों को किसी प्रकार का कोई नुकसान न हो इस कारण मार्गदर्शन अनिवार्य होता है। आप इसमें पूर्ण सफल हों।  
                                                               मंगल कामनाओं के साथ ! - अशोक भैया 
                                                                            9565120423 (दिल्ली-ऋषिकेश ) 
                                                हमारा जीमेल एड्रेस ashokbhaiya666@gmail.com
हमारा जीमेल एड्रेस ashokbhaiya666@gmail.com
अतः आप दुनिया को हैरत में डालने वाला सम्मोहन शिक्षा प्राप्त करना चाह्ते हैं तो हमारे नम्बर पर फ़ोन कर सकते हैं.9565120423 - अशोक भैया, गोरखपुर, ऋषिकेश, हरिद्वार, दिल्ली, इसी के साथ - मंगल कामनाओं सहित- अशोक भैया 
आप हमारे फेसबुक पेज से जुड़कर अपनी समस्याओं के समाधान और अन्यानेक लाभ उठायें. इसके लिए फेसबुक मेंashokbhaiya666@gmail.com टाइप करें. हमारे फोटो को क्लिक करें, प्रोफाइल में जाकर फ्रेंड रिक्वेस्ट करके जो भी मैसेजदेना हो दे दीजिये. तथा हमारे विशेष वेबसाइट से भी लाभ उठाये. www.ashokbhaiya999.com 

  

Wednesday, 7 August 2013

सुषुम्ना चक्र जागरण-सम्मोहन शास्त्र



  सम्मोहन उर्जा की अचूक विधि 

                (सुषुम्ना चक्र जागरण)


            आज हर व्यक्ति अपनी ही अनेक समस्याओं से परेशान और तंग है। परिवार के सदस्यों की अपनी-अपनी विभिन्न समस्याएँ अलग है। कोई अपने आप से प्रसन्न नहीं। किसी का किसी से मधुर सम्बन्ध नहीं। सारी की सारी बुद्धि कुंद बनकर रह गयी है। आपकी बात कोई नहीं मानता। आपकी बातों का किसी पर कोई प्रभाव ही नहीं पड़ता। आप कहीं मिलने जाते हैं तो कोई अमिट छाप नहीं बना पाते। और आज के इस चुनौतियों वाले युग में ऐसी साधारण सी जिंदगी में कुछ हो भी नहीं सकता।  
          
          जबकि होना यह चाहिए कि, आप जिससे मिलें या किसी से मुलाकात हो, तो आपको जीवन भर सम्मान पूर्वक याद रखा जाएँ। आप जिसको सलाह और सहयोग दें उसका ह्रदय से स्वीकार किया जाये। आप किसी को कोई आज्ञा दें तो वह दौड़कर पूरी करे। यानी आप जिसको जो भी कह दें, सामने वाला उसे प्राथमिक तौर पर अपने ह्रदय में स्थान दे। इसे कहते हैं जीवन की एक बेमिशाल पहुँच। एक आकर्षण, एक अद्दभुत सम्मोहन और जीवन में बिना सम्मोहन उर्जा के हम कुछ कर भी नहीं सकते, ना ही शुख-शांति से जीवन गुजार सकते, ना कोई विशेष उपलब्धि प्राप्त कर सकते हैं। 
          
         प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ ब्रूम के शोधों के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति (पुरुष /स्त्री) में सम्मोहन शक्ति की उर्जा है। यह शक्ति शरीर में अदृश्य तरंगों के रूप में स्थित है। इन तरंगों के माध्यम से कोई भी व्यक्ति किसी भी प्राणी को सम्मोहित कर सकता है। किसी के भी विचारों को अपने अनुकूल बना सकता है। किन्तु दुर्भाग्य कि, हमें सम्मोहन के उन श्रोतों का ही कुछ पता नही। इन तरंगों का किस प्रकार से लाभ उठाया जा सके इसका भी ज्ञान नहीं। जबकि इन्हीं तरंगों के प्रभाव में जीवन की सारी हलचल है। सफलता असफलता, शांति अशांति, सब कुछ अदृश्य तरंगों की प्रतिक्रिया से है। 

             सच मानिए तो आपका शरीर ही पारसमणि के समान है जिससे कोई लोहा स्पर्श हो जाये तो स्वर्ण में बदल जाय। परन्तु इसका अद्भुत ज्ञान होना चाहिए वरना कोई भी यन्त्र बंद रहने की दशा में निष्क्रिय हो जाया करता है। अतः हमें अपने अन्दर के सम्मोहन तरंगों के विशाल खजाने तक पहुँचाना है और खजाने के द्वार को खोलकर भरपूर लाभ उठाना ही है। उस निष्क्रय पड़े उर्जा तरंगों को सक्रिय करना है। अब जरुरत पड़ती है उस खजाने तक पहुचाने वाले एक अनुभवी मार्गदर्शक की जो बिना किसी कष्ट नुकसान के खजाने के द्वार खोलने की तरकीब जानता हो। 

          फिर तो सारे अरमान पूरे किए जा सकते हैं। दुनिया में एक हस्ती बना जा सकता है। खोए हुए वस्तु या व्यक्तियों का पता लगाया जा सकता है। स्मरण शक्ति में भारी वृद्धि की जा सकती है। भुत-भविष्य के ज्ञाता बना जा सकता है। बीमारियों का सफल इलाज किया जा सकता है। किसी को भी सम्मोहित किया जा सकता है। किसी से भी अपनी बात मानवाई जा सकती है। परिवार के सदस्यों को नेक और विचारवान बनाया जा सकता है। गलत प्रवृति में फंसे लोगों को सुधारा जा सकता है। अपने मिलने वालों में विशिष्ट बना जा सकता है। वासना और क्रोध पर पूर्ण नियंत्रण प्राप्त किया जा सकता है। 

          सभी तरह के पुरुष और स्त्रियों के दिलों पर शासन किया जा सकता है। ऐसी उपलब्धि होने पर जीवन की अनेक समस्याएं तो यूँ ही ख़त्म हो जाती है। सम्मोहन के विषय पर आज सम्पूर्ण विश्व सक्रीय और चिंतनशील है। दुनिया के कई देशों में सम्मोहन विज्ञान पर नित नए शोध किये जा रहे हैं। अमेरिका के मेडिकल कॉलेज में तो बाकायदा सम्मोहन द्वारा रोगियों का इलाज चल रहा है। अतः सम्मोहन तरंगों के खजाने की फाटक को खोलने के लिए शास्त्रों में विभिन्न उपाय दिए गए हैं जिनमें शरीर में स्थित इन्द्रियों और कुंडलिनी चक्रों का श्रेष्ठ महत्व बताया गया है। 

          हमारे शरीर में कुछ कुंडलिनी चक्र है जो क्रमशः मूलाधार (सुषुम्ना), स्वाधिष्ठान, मणिपुर, अनाहत, विशुद्ध, आज्ञा चक्र के साथ सह्श्रार के नाम से जाने जाते है। सभी चक्रों का अपना-अपना महत्व है।  इस पेज में हम सिर्फ सुषुम्ना यानि मूलाधार चक्र के बारे में चर्चा कर रहे हैं। अर्थात कोई भी पुरुष स्त्री, युवक युवती, सही मार्ग निर्देशन में मूलाधार चक्र का ध्यान करके अद्भुत सम्मोहक व्यक्तित्व बन सकता है इसमें कोई संदेह नहीं। संदेह इसलिए नहीं क्योंकि सब कुछ पोजेटिव सोंच से संभव होता है। जैसे ही आप मन से नकारात्मक भाव हटाते हैं, आप सफल होते जाते हैं।  

          शरीर में स्थित सुषुम्ना कुंडलिनी चक्र नाभि से नीचे सुप्त अवस्था में पड़ी होती है जिसे कुछ प्रेक्टिकल अभ्यास विधियों द्वारा जागृत एवं चैतन्य किया जाता है। जब यह जागृत होने लगती है तब क्रोध और कामवासना पर नियंत्रण होने लगता है। इस चक्र के जागृत होते ही सम्पूर्ण शरीर दिव्य आनंद से खिल उठता है। आपके इर्द-गिर्द आकर्षण की अदृश्य तरंगें प्रवाहित होने लगती है। इन अदृश्य तरंगों के संपर्क में आने वाला हर पुरुष स्त्री, जिव जंतु, पशु पक्षि पक्षी स्वतः सम्मोहित होने लगते हैं। यह वैज्ञानिक शोध भी है। हर किसी के साथ नित्य दिनचर्या में जाने अनजाने  होता रहता है। अतः ऐसे शक्ति पुर्ण ज्ञान होना ही सौभाग्य कहा जाएगा।     

            आप जो भी विचार, आज्ञा , सन्देश किसी को देते हैं तो उसे ह्रदय से स्वीकार किया ही जाता है। अब तो पश्चिम के वैज्ञानिकों के प्रयोगों ने सिद्ध कर दिया है कि, सम्मोहन की ऐसी विदुतिय शक्ति सभी पुरुष स्त्रियों में होता ही है जिसका समुचित मार्गदर्शन प्राप्तकर जीवन में सम्मोहन उर्जा भरकर आलौकिक बनना चाहिए। सुषुम्ना चक्र को जागृत करने की कई विद्धिया है। तिब्बत में सुषुम्ना चक्र पर विशेष तरीके से सुइयां चुभोकर जागृत किया जाता है तो कही बिजली के झटके से जागृत किया जाता है। किन्तु ये सभी विधियाँ असुविधाजनक होने कारण कष्टदायक भी होती है। अतः भारतीय प्रणाली सर्व श्रेष्ठ उपाय माना जाता है। 

          भारतीय प्रणाली अथवा भारतीय ज्ञान के अनुसार शरीर के किसी  अंग या चक्र पर विशेष रिति से ध्यान को एकाग्र किया जाय तो वह अंग या चक्र सक्रिय यानी चैतन्य होने लगता है। ध्यान एकाग्र के समय निम्न मंत्र का भी उच्चारण किया जाय तो शीघ्रता से काम बनता है। ॐ क्लीं क्लीं क्रीं क्रीं हुं हुं फट। आप इस मंत्र का सोते जागते उठते बैठते जितना अधिक उच्चारण करेंगे सुषुम्ना जागरण में शीघ्रता आएगी।  इस मंत्र के उच्चारण का प्रभाव  सीधा आपके सुषुम्ना चक्र पर ही पड़ता है। जैसे जैसे सुषुम्ना जागृत होती है वैसे वैसे पूरे शरीर में सम्मोहन उर्जा वलिष्ट होती जाती है। 

           सम्पूर्ण शरीर सम्मोहक बन उठता है। नेत्रों में विशेष प्रकार की चुम्बक प्रवाहित होने लगती है जो वायु मंडल में फैलकर सभी प्राणियों पर इच्छानुकूल प्रभाव डालती रहती है। अतः हमें किसी प्रकार अपने सुषुम्ना चक्र को जागृत कर ही लेनी चाहिए। इसमें उपरोक्त मंत्र आवश्यक मंत्र है परन्तु अभ्यास के लिए जो व्यवस्था है। वह पाठकों और शुभचिंतकों के लिए अभ्यास सामग्री पैकेट कोरियर अथवा रजि डाक से भेजने की व्यवस्था है जिन्हें सम्मोहन की दुनिया में प्रवेश करना हो वह हमारे नंबर पर अपना नाम पता मैसेज कर दें अन्य जानकारी फोन से प्राप्त करें।

नोट- यह आपार हर्ष का विषय है कि, हमने अपने पूर्व सूचना के मुताबिक त्राटक ज्ञान के साथ सम्मोहन, वशीकरण, कुंडलिनी जागरण का 30 से 45 दिनों का विशेष कोर्स जारी कर दिया है। इस दुर्लभ त्राटक सम्मोहन कोर्स को अनेक प्रांतों के भाई बंधु और शुभचिंतक लगन पूर्वक कर रहे हैं। अतः मंगल कामना हैं इनकी सफलता के लिए तथा आपके लिए हार्दिक कामना है आपके आगमन के लिए। क्योंकि आप दुनिया से बहुत कुछ हासिल कर सकते हैं परन्तु ऐसा अद्भुत और दुर्लभ ज्ञान कहीं और से प्राप्त करना बहुत ही कठिन है। नामुमकिन भी मान लीजिये। इस सम्बन्ध में किसी भी जानकारी के लिएआप बेहिचक हमें फोन कर सकते हैं। आपको हमारा भरपूर सहयोग प्राप्त होगा, भरोसा रखें।    
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आप दुनिया को हैरत में डालने वाला सम्मोहन शिक्षा प्राप्त करना चाह्ते हैं तो हमारे नम्बर पर फ़ोन कर सकते हैं.9565120423 - अशोक भैया, गोरखपुर, ऋषिकेश, हरिद्वार, दिल्ली, इसी के साथ - मंगल कामनाओं सहित- अशोक भैया 
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Thursday, 25 July 2013

सम्मोहन शरीर का विज्ञान है



     सम्मोहन शरीर का विज्ञान है 

            
                (अदभुत ज्ञान अदभुत लाभ)

          ईश्वर ने मानव तन में तमाम शक्तियां सजा रखी है जिसे सक्रिय करके एक साधारण व्यक्ति भी संसार को चकित कर सकता है. इन शक्तियों से ब्रह्माण्ड में कहीं भी, कभी भी व्यक्ति के विचारों या प्रकृति के नियमों में हस्तक्षेप किया जा सकता है. चुंकि ये शक्तियां सुप्तावस्था में होती है अतः सामान्यतः आभास नहीं हो पाता. 

          परन्तु इन्हें जब कुछ विशेष योग, प्राणायाम और त्राटक विधि से विकसित करके चार्ज कर लिया जाता है तब दुनिया और जीवन के सभी असंभव, संभव हो उठते है. दरअसल मनुष्य के शरीर में हर समय सम्मोहन की तरंगें प्रवाहित होती रहती है. यह अदृश्य तरंगें हाथ की उंगुलियों के पोरुवे और नेत्रों के रास्ते बाहर निकलता रहता है. चुंकि तरंगें लुंज-पुंज कमजोर अवस्था में होती हैं इसी कारण जब दो व्यक्ति मिलते हैं तब थोड़ी ही देर में दोनों में से कोई एक, दूसरे वाले पर हावी हो चुका होता है. 

          क्योंकि सम्मोहन की अदृश्य उर्जा तरंगें किसी में अधिक तो किसी में कम होती है. परन्तु इन्हीं कमजोर तरंगों को किसी निजी मार्गदर्शन द्वारा अभ्यास करते हुए प्रबल, सशक्त और चुम्बकीय बना लिया जाता है तब नेत्र द्रष्टि जिस भी व्यक्ति या जीव प्राणी पर पड़ता है, वह व्यक्ति या प्राणी स्वयं को निर्बल असहाय महसूस करते हुए आपकी ही आज्ञा और इशारों को मानने पर वाध्य हो जाता है और यह मानव जीवन की महाश्रेष्ठ उपलब्धि है जो आज भी सुलभ है.  

          ऐसी शक्ति तो हर मूल्य चुकाकर भी प्राप्त कर लेनी चाहिए. विज्ञान के पास आज भी ऐसी कोई दवा, इंजेक्शन या व्यवस्था नहीं है जिससे सम्मोहन की अद्भुत उर्जा शक्ति किसी को उपलब्ध करा दे। जबकि गुढ़ विद्द्याओं के चलते यह अब भी संभव है और यह आपका सौभाग्य है, आज इस रहस्यमय ज्ञान की जानकारी प्राप्त हो रही है. अपने अन्दर की सामान्य उर्जा तरंग को असाधारण बनाने के लिए जो प्राचीन विधि है, उसे त्राटक कहते हैं. अर्थात बिना पलक झपकाए किसी बिंदु पर एक टक देखते रहना.

          सम्मोहन से किसी को भी अपने पूर्ण वश में किया जा सकता है. मुर्ख से मुर्ख बालक या व्यक्ति को चतुर बनाया जा सकता है. सम्पूर्ण बिमारियों का इलाज किया जा सकता है. किसी की खोई हुई यादाश्त लौटाई जा सकती है. हिंसक जीव-जंतु, पशु-पक्षियों को पालतू बनाया जा सकता है. लोगों की आपसी रंजिस सदा के लिए ख़त्म की जा सकती है. खोये हुए व्यक्ति का पता लगाकर उसे वापस बुलाया जा सकता है. किसी के भी विचार को बदला जा सकता है. किसी भी पुरुष या स्त्री से अपनी बात मनवाई जा सकती है. बिजनेश व्यवसाय में  तरक्की की जा सकती है. देवी-देवता और इष्ट से आशीर्वाद प्राप्त किया जा सकता है. 

          सम्मोहन का प्रयोग करना किसी भी तरह से टोना टोटका या कोई गलत प्रक्रिया नहीं है, यह विशुद्ध रूप से मानव शरीर में स्थित हिप्नोटिक तरंगों का ही कमाल होता है जिसकी मेन स्विच प्रयोगकर्ता के मस्तिष्क में फिट रहता है. सम्मोहन के श्रेष्ठ ज्ञाताओं में अनेक देवी-देवता और महापुरुषों के नाम उल्लेखित है. हालाँकि इसके जानकार अब बहुत कम रह गए हैं दुनिया में. किन्तु जो है वो इस धरती के धरोहर हैं. ज्ञान का प्रसार होना उचित माना गया है. इसे छुपाना अथवा नजरअंदाज करना संत ऋषि और ज्ञानियों की दृष्टि में घटिया सोंच है अतः आपके लिए सम्मोहन ज्ञान व्यक्तिगत रूप से मार्गदर्शन की व्यवस्था रखी जा रही है. 

नोट- यह आपार हर्ष का विषय है कि, हमने अपने पूर्व सूचना के मुताबिक त्राटक ज्ञान के साथ सम्मोहन, वशीकरण, कुंडलिनी जागरण का 30 से 45 दिनों का विशेष कोर्स जारी कर दिया है। इस दुर्लभ त्राटक सम्मोहन कोर्स को अनेक प्रांतों के भाई बंधु और शुभचिंतक लगन पूर्वक कर रहे हैं। अतः मंगल कामना हैं इनकी सफलता के लिए तथा आपके लिए हार्दिक कामना है आपके आगमन के लिए। क्योंकि आप दुनिया से बहुत कुछ हासिल कर सकते हैं परन्तु ऐसा अद्भुत और दुर्लभ ज्ञान कहीं और से प्राप्त करना बहुत ही कठिन है। नामुमकिन भी मान लीजिये। इस सम्बन्ध में किसी भी जानकारी के लिएआप बेहिचक हमें फोन कर सकते हैं। आपको हमारा भरपूर सहयोग प्राप्त होगा, भरोसा रखें।    
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          हमने इस साईट पर पहले भी सम्मोहन वशीकरण और कुण्डलिनी जागरण के सम्बंध में कुछ प्रेक्टिकल लेख दे रखी है. उन्हें काफी पसंद किया जा रहा है. देश भर से सम्मोहन विज्ञान को सिखने समझने की इच्छा जाहिर की गई. फिर हमने सार्वजनिक तौर पर घर बैठे सम्मोहन शिक्षा का समुचित मार्गदर्शन देने का विचार बना लिया। यह आपके लिए सौभाग्य की बात है. आप कार्यालय को फोन करके अपना सम्मोहन प्रशिक्षण पैकेट प्राप्त कर सकते हैं. आपको व्यक्तिगत मार्गदर्शन एवं परामर्श के लिए हम वचनवद्ध हैं. 
         नोट- हमारे इस साईट पर सम्मोहन वशीकरण से सम्बंधित सभी लेखों को पढ़ने के बाद ही हमें फोन करें तो सुविधाजनक होगा।
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