सम्मोहन उर्जा की अचूक विधि
(सुषुम्ना चक्र जागरण)
आज हर व्यक्ति अपनी ही अनेक समस्याओं से परेशान और तंग है। परिवार के सदस्यों की अपनी-अपनी विभिन्न समस्याएँ अलग है। कोई अपने आप से प्रसन्न नहीं। किसी का किसी से मधुर सम्बन्ध नहीं। सारी की सारी बुद्धि कुंद बनकर रह गयी है। आपकी बात कोई नहीं मानता। आपकी बातों का किसी पर कोई प्रभाव ही नहीं पड़ता। आप कहीं मिलने जाते हैं तो कोई अमिट छाप नहीं बना पाते और आज के इस चुनौतियों वाले युग में ऐसी साधारण सी जिंदगी में कुछ हो भी नहीं सकता।
जबकि होना यह चाहिए कि, आप जिससे मिलें या किसी से मुलाकात हो, तो आपको जीवन भर सम्मान पूर्वक याद रखा जाएँ। आप जिसको सलाह और सहयोग दें उसका ह्रदय से स्वीकार किया जाये। आप किसी को कोई आज्ञा दें तो वह दौड़कर पूरी करे। यानी आप जिसको जो भी कह दें, सामने वाला उसे प्राथमिक तौर पर अपने ह्रदय में स्थान दे। इसे कहते हैं जीवन की एक बेमिशाल पहुँच। एक आकर्षण, एक अद्दभुत सम्मोहन और जीवन में बिना सम्मोहन उर्जा के हम कुछ कर भी नहीं सकते, ना ही शुख-शांति से जीवन गुजार सकते, ना कोई विशेष उपलब्धि प्राप्त कर सकते हैं।
प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ ब्रूम के शोधों के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति (पुरुष /स्त्री) में सम्मोहन शक्ति की उर्जा है। यह शक्ति शरीर में अदृश्य तरंगों के रूप में स्थित है। इन तरंगों के माध्यम से कोई भी व्यक्ति किसी भी प्राणी को सम्मोहित कर सकता है। किसी के भी विचारों को अपने अनुकूल बना सकता है। किन्तु दुर्भाग्य कि, हमें सम्मोहन के उन श्रोतों का ही कुछ पता नही। इन तरंगों का किस प्रकार से लाभ उठाया जा सके इसका भी ज्ञान नहीं। जबकि इन्हीं तरंगों के प्रभाव में जीवन की सारी हलचल है। सफलता असफलता, शांति अशांति, सब कुछ अदृश्य तरंगों की प्रतिक्रिया से है।
सच मानिए तो आपका शरीर ही पारसमणि के समान है जिससे कोई लोहा स्पर्श हो जाये तो स्वर्ण में बदल जाय। परन्तु इसका अद्भुत ज्ञान होना चाहिए वरना कोई भी यन्त्र बंद रहने की दशा में निष्क्रिय हो जाया करता है। अतः हमें अपने अन्दर के सम्मोहन तरंगों के विशाल खजाने तक पहुँचाना है और खजाने के द्वार को खोलकर भरपूर लाभ उठाना ही है। उस निष्क्रय पड़े उर्जा तरंगों को सक्रिय करना है। अब जरुरत पड़ती है उस खजाने तक पहुचाने वाले एक अनुभवी मार्गदर्शक की जो बिना किसी कष्ट नुकसान के खजाने के द्वार खोलने की तरकीब जानता हो।
फिर तो सारे अरमान पूरे किए जा सकते हैं। दुनिया में एक हस्ती बना जा सकता है। खोए हुए वस्तु या व्यक्तियों का पता लगाया जा सकता है। स्मरण शक्ति में भारी वृद्धि की जा सकती है। भुत-भविष्य के ज्ञाता बना जा सकता है। बीमारियों का सफल इलाज किया जा सकता है। किसी को भी सम्मोहित किया जा सकता है। किसी से भी अपनी बात मानवाई जा सकती है। परिवार के सदस्यों को नेक और विचारवान बनाया जा सकता है। गलत प्रवृति में फंसे लोगों को सुधारा जा सकता है। अपने मिलने वालों में विशिष्ट बना जा सकता है। वासना और क्रोध पर पूर्ण नियंत्रण प्राप्त किया जा सकता है।
सभी तरह के पुरुष और स्त्रियों के दिलों पर शासन किया जा सकता है। ऐसी उपलब्धि होने पर जीवन की अनेक समस्याएं तो यूँ ही ख़त्म हो जाती है। सम्मोहन के विषय पर आज सम्पूर्ण विश्व सक्रीय और चिंतनशील है। दुनिया के कई देशों में सम्मोहन विज्ञान पर नित नए शोध किये जा रहे हैं। अमेरिका के मेडिकल कॉलेज में तो बाकायदा सम्मोहन द्वारा रोगियों का इलाज चल रहा है। अतः सम्मोहन तरंगों के खजाने की फाटक को खोलने के लिए शास्त्रों में विभिन्न उपाय दिए गए हैं जिनमें शरीर में स्थित इन्द्रियों और कुंडलिनी चक्रों का श्रेष्ठ महत्व बताया गया है।
हमारे शरीर में कुछ कुंडलिनी चक्र है जो क्रमशः मूलाधार (सुषुम्ना), स्वाधिष्ठान, मणिपुर, अनाहत, विशुद्ध, आज्ञा चक्र के साथ सह्श्रार के नाम से जाने जाते है। सभी चक्रों का अपना-अपना महत्व है। इस पेज में हम सिर्फ सुषुम्ना यानि मूलाधार चक्र के बारे में चर्चा कर रहे हैं। अर्थात कोई भी पुरुष स्त्री, युवक युवती, सही मार्ग निर्देशन में मूलाधार चक्र का ध्यान करके अद्भुत सम्मोहक व्यक्तित्व बन सकता है इसमें कोई संदेह नहीं। संदेह इसलिए नहीं क्योंकि सब कुछ पोजेटिव सोंच से संभव होता है। जैसे ही आप मन से नकारात्मक भाव हटाते हैं, आप सफल होते जाते हैं।
शरीर में स्थित सुषुम्ना कुंडलिनी चक्र नाभि से नीचे सुप्त अवस्था में पड़ी होती है जिसे कुछ प्रेक्टिकल अभ्यास विधियों द्वारा जागृत एवं चैतन्य किया जाता है। जब यह जागृत होने लगती है तब क्रोध और कामवासना पर नियंत्रण होने लगता है। इस चक्र के जागृत होते ही सम्पूर्ण शरीर दिव्य आनंद से खिल उठता है। आपके इर्द-गिर्द आकर्षण की अदृश्य तरंगें प्रवाहित होने लगती है। इन अदृश्य तरंगों के संपर्क में आने वाला हर पुरुष स्त्री, जिव जंतु, पशु पक्षि पक्षी स्वतः सम्मोहित होने लगते हैं। यह वैज्ञानिक शोध भी है। हर किसी के साथ नित्य दिनचर्या में जाने अनजाने होता रहता है। अतः ऐसे शक्ति पुर्ण ज्ञान होना ही सौभाग्य कहा जाएगा।
आप जो भी विचार, आज्ञा , सन्देश किसी को देते हैं तो उसे ह्रदय से स्वीकार किया ही जाता है। अब तो पश्चिम के वैज्ञानिकों के प्रयोगों ने सिद्ध कर दिया है कि, सम्मोहन की ऐसी विदुतिय शक्ति सभी पुरुष स्त्रियों में होता ही है जिसका समुचित मार्गदर्शन प्राप्तकर जीवन में सम्मोहन उर्जा भरकर आलौकिक बनना चाहिए। सुषुम्ना चक्र को जागृत करने की कई विद्धिया है। तिब्बत में सुषुम्ना चक्र पर विशेष तरीके से सुइयां चुभोकर जागृत किया जाता है तो कही बिजली के झटके से जागृत किया जाता है। किन्तु ये सभी विधियाँ असुविधाजनक होने कारण कष्टदायक भी होती है। अतः भारतीय प्रणाली सर्व श्रेष्ठ उपाय माना जाता है।
भारतीय प्रणाली अथवा भारतीय ज्ञान के अनुसार शरीर के किसी अंग या चक्र पर विशेष रिति से ध्यान को एकाग्र किया जाय तो वह अंग या चक्र सक्रिय यानी चैतन्य होने लगता है। ध्यान एकाग्र के समय निम्न मंत्र का भी उच्चारण किया जाय तो शीघ्रता से काम बनता है। ॐ क्लीं क्लीं क्रीं क्रीं हुं हुं फट। आप इस मंत्र का सोते जागते उठते बैठते जितना अधिक उच्चारण करेंगे सुषुम्ना जागरण में शीघ्रता आएगी। इस मंत्र के उच्चारण का प्रभाव सीधा आपके सुषुम्ना चक्र पर ही पड़ता है। जैसे जैसे सुषुम्ना जागृत होती है वैसे वैसे पूरे शरीर में सम्मोहन उर्जा वलिष्ट होती जाती है।
सम्पूर्ण शरीर सम्मोहक बन उठता है। नेत्रों में विशेष प्रकार की चुम्बक प्रवाहित होने लगती है जो वायु मंडल में फैलकर सभी प्राणियों पर इच्छानुकूल प्रभाव डालती रहती है। अतः हमें किसी प्रकार अपने सुषुम्ना चक्र को जागृत कर ही लेनी चाहिए। इसमें उपरोक्त मंत्र आवश्यक मंत्र है परन्तु अभ्यास के लिए जो व्यवस्था है। वह पाठकों और शुभचिंतकों के लिए अभ्यास सामग्री पैकेट कोरियर अथवा रजि डाक से भेजने की व्यवस्था है जिन्हें सम्मोहन की दुनिया में प्रवेश करना हो वह हमारे नंबर पर अपना नाम पता मैसेज कर दें अन्य जानकारी फोन से प्राप्त करें।
नोट- यह आपार हर्ष का विषय है कि, हमने अपने पूर्व सूचना के मुताबिक त्राटक ज्ञान के साथ सम्मोहन, वशीकरण, कुंडलिनी जागरण का 30 से 45 दिनों का विशेष कोर्स जारी कर दिया है। इस दुर्लभ त्राटक सम्मोहन कोर्स को अनेक प्रांतों के भाई बंधु और शुभचिंतक लगन पूर्वक कर रहे हैं। अतः मंगल कामना हैं इनकी सफलता के लिए तथा आपके लिए हार्दिक कामना है आपके आगमन के लिए। क्योंकि आप दुनिया से बहुत कुछ हासिल कर सकते हैं परन्तु ऐसा अद्भुत और दुर्लभ ज्ञान कहीं और से प्राप्त करना बहुत ही कठिन है। नामुमकिन भी मान लीजिये। इस सम्बन्ध में किसी भी जानकारी के लिएआप बेहिचक हमें फोन कर सकते हैं। आपको हमारा भरपूर सहयोग प्राप्त होगा, भरोसा रखें।
आप दुनिया को हैरत में डालने वाला सम्मोहन शिक्षा प्राप्त करना चाह्ते हैं तो हमारे नम्बर पर फ़ोन कर सकते हैं. 9565120423 - अशोक भैया, गोरखपुर, ऋषिकेश, हरिद्वार, दिल्ली, इसी के साथ - मंगल कामनाओं सहित- अशोक भैया
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- अशोक भैया - 9565120423 (ऋषिकेश, दिल्ली, हरिद्वार, लखनऊ, गोरखपुर)
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